Nainital

भारत में घूमने जाना हैं तो Nainital का नाम ना आए ऐसा नहीं हो सकता। नैनीताल एक बहुत प्रशिद स्थान हैं घूमने जाने के लिए, वो बर्फीली वादिया वो विंटर स्पोर्ट्स और नैनीताल की झील, देखने लायक नज़ारे। नैनीताल भारत के उत्तराखंड राज्ये में एक महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल हैं। हिमालय में कुमाऊँ पहाडि़यों की तलहटी में स्थित है नैनीताल। हर Travel प्रेमी को एक बार उत्तराखण्ड के दो Beautiful city नैनीताल और मसूरी घूमने जाना चाहिए हैं, और इनकी खूबसूरती का लुफ्त उठाना चाहिए।

Nainital का भूगोल 

Nainital समुद्र तल से 1938 मीटर (6358 फुट) उचाई पे स्तिथ है। Nainital में ग्रीष्मकाल समशीतोष्ण होने के कारण, इसके  दौरान ज्यादातर  तापमान 27 डिग्री सेल्सियस (81°F) तथा न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस (50°F) के करीब होता हैं, यहाँ एक नासपाती के आकर की एक झील भी हैं, जो नैनी झील के नाम से प्रशिद है। गर्मियों के समय यहाँ की आबादी यहाँ की आबादी के पांच गुना हो जाती हैं, इसका कारण यहाँ ऐनी वाले पर्यटक हैं। सर्दियों में नैनीताल में हिमपात होता हैं जिसके दौरान  अधिकतम 15 डिग्री सेल्सियस (59°F) से लेकर न्यूनतम -3 डिग्री सेल्सियस (27°F) तक तापमान चाला जाता हैं। ऊँचे – ऊँचे पहाड़ों की तलहटी में तीनो ओर से घने घने वृक्षों की छाया में घिरा हैं, यहाँ के ताल  में पूरी पर्वतमाला और वृक्षों की छाया बिलकुल अच्छे से दिखाई देती है।

Nainital

 देहरादून से नैनीताल की दुरी 

सड़क मार्ग से देहरादून से नैनीताल के बीच की दूरी 283KM है। देहरादून से नैनीताल की हवाई दूरी 173KM . है

 

Nainital का इतिहास 

Nainital को ‘स्कंद पुराण’ के ‘मानस खंड’ में त्रि-ऋषि-सरोवर के रूप में संदर्भित किया गया है, तीन ऋषियों, अत्रि, पुलस्त्य और पुलहा की झील, जो एक तपस्या तीर्थ यात्रा पर यहां पहुंचे थे, और, प्यास बुझाने के लिए पानी न मिलने पर मानसरोवर से एक गड्ढा खोदा और उसमें पानी बहाया..

1880 की स्थापना और भूस्खलन

कुमाऊँ की पहाड़ियाँ एंग्लो-नेपाली युद्ध (1814-16) के बाद ब्रिटिश शासन के अधीन आ गईं। नैनी ताल के हिल स्टेशन शहर की स्थापना केवल 1841 में हुई थी, जिसमें शाहजहांपुर के एक चीनी व्यापारी पी. बैरोन द्वारा पहले यूरोपीय घर (पिलग्रिम लॉज) का निर्माण किया गया था।

नैनीताल का नाम कैसे पड़ा ?

वे सभी इक्यावन स्थान – जहां सती के शरीर के अंग गिरे थे, शक्तिपीठ के नाम से जाने गए। ऐसा कहा जाता है कि नैनी झील का झिलमिलाता हरा पानी सती की पन्ना हरी आंख का प्रतिबिंब है। … इसलिए, झील को ‘नैनीताल’ या नैनी झील का नाम दिया गया। बाद में यह स्थान इसी नाम से प्रसिद्ध हुआ।

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Nainital में पर्यटक स्थल 

1) नैनी झील

Nainital झील जो नैनी झील के नाम से प्रशिद हैं, नैनीताल और साथी साथ उत्तराखंड का काफी प्रशिद पर्यटक स्थान, मनोरम सात पहाड़ियों से घिरा हुआ हैं।  
 

2) नैना देवी मंदिर

हिंदू धर्म के एक प्रसिद्ध शक्ति पीठ, नैनी देवी मंदिर नैनीताल में महान भक्ति का पवित्र स्थान है। देवी नैनी देवी नैनी की देवी हैं..
 

3) माल रोड, नैनीताल

माल रोड Nainital शहर का सबसे लोकप्रिय नाम है। दिन के समय सबसे व्यस्त सड़क, माल रोड Nainital झील के किनारे चलता है। अंग्रेजों ने बनवाया…
 

4) टिफिन टॉप

Nainital में एक लोकप्रिय पिकनिक स्थल, टिफिन टॉप (जिसे डोरोथी सीट भी कहा जाता है) अयारपट्टा पहाड़ी पर स्थित है, जो एक शानदार 360 डिग्री दृश्य प्रस्तुत करता है।
 

5) इको केव गार्डन

इको केव गार्डन नैनीताल में एक नव विकसित पर्यटन स्थल है। इसमें विभिन्न जानवरों की कई प्राकृतिक परस्पर जुड़ी गुफाएँ शामिल हैं। लटकता हुआ बाग…
 
 

Nainital में ठहरने की व्यवस्ता 

नैनीताल जाते वक़्त रुकने या रहने की सबसे बड़ी चिन्ता रहती हैं पर फिकर की कोई बात नहीं यहाँ, कई सरकारी गेस्ट और रेस्ट हाउस हैं जिन्हे  आप बुक करके बिलकुल चिन्ता मुक्त होके यहाँ घूमने का लुफत उठा सकते हैं, साथ ही साथ यहाँ प्राइवेट होटल्स की भी कोई कमी नहीं हैं तो आप उन्हे भी रहे सकते हैं और एन्जॉय कर सकते है। 

Nainital का आवागमन

By Plane

Nainital से निकटतम हवाई अड्डा 70 किमी की दूरी पर स्थित है। पंतनगर हवाई अड्डा दो घंटे की ड्राइव दूर है। पंतनगर के लिए सीधी उड़ानें केवल नई दिल्ली से उपलब्ध हैं। Nainital की सेवा करने वाला एक अन्य प्रमुख हवाई अड्डा नई दिल्ली में स्थित इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (IGI) है। यह करीब 300 किमी दूर है इसलिए यहां पहुंचने के लिए पर्यटकों को पूरा दिन अलग रखना पड़ता है। यात्री आईजीआई से Nainital पहुंचने के लिए टैक्सियों या बसों का लाभ उठा सकते हैं, लगभग 7 घंटे का सफर

By Train

Nainital से लगभग 23 किमी दूर काठगोदाम रेलवे स्टेशन, इस भव्य हिल स्टेशन की सेवा करने वाला निकटतम रेलवे स्टेशन है। नई दिल्ली, कोलकाता, आगरा और लखनऊ जैसे मेट्रो शहरों से काठगोदाम के लिए प्रतिदिन कई सीधी ट्रेनें चलती हैं। नई दिल्ली से सबसे सुविधाजनक विकल्पों में से एक रानीखेत एक्सप्रेस है, जो रात भर चलने वाली ट्रेन है जो सुबह-सुबह काठगोदाम पहुंचती है। इस स्टेशन से नैनीताल के लिए बसें और टैक्सी आसानी से उपलब्ध हैं। हालांकि, अच्छी बात यह है कि काठगोदाम से Nainital का बस का किराया ज्यादा नहीं है और ये बिल्कुल भी महंगे नहीं हैं! इसलिए सुरक्षित यात्रा करें।

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हेलो, मेरा नाम सूर्य जोशी है, मै उत्तराखण्ड के टिहरी जिले का रहने वाला हूँ। मैंने अपनी ग्रेजुएशन हेमन्ती नंदन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी से पूरी की है, और मै मारुती सुजुकी में पिछले 7 साल से Sales में बतौर Relationship Manager काम कर रहा हूँ। पिछले 2 साल से पार्ट टाइम Blogging कर रहा हूँ।

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