उत्तराखण्ड में कूड़े से बिजली

कचरे से बिजली बनाने पर दुनिया भर में काम हो रहा है, इसी प्रकरण में उत्तराखण्ड भी हिस्सा लेने जा रहा है, उत्तराखण्ड में कूड़े से बिजली बनाकर। कूड़े से बिजली बनाने से दो फायदे मुख्यता दिख रहे हैं। कमाई के साथ साथ प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।

दोस्तो जैसा की हम में से कई लोग जानते ही हैं की कूड़ा किसी भी देश के लिए एक काफी बड़ी दिक्कत हैं। कूड़ा निस्तारण करना किसी भी देश के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती हैं। ऐसे में कूड़ा एक काफी बड़ी समास्या बन जाता हैं, पर क्या दोस्तो आप जानते हैं की ये कूड़ा इस्तेमाल में भी आ सकता हैं हम इंसानो के लिए, जी हाँ सही सुना आप लोगो ने इतने बड़े कूड़े के ढेर से देश की एक बहुत बड़ी बिजली की जरुरत को पूरा करा जा सकता हैं। कूड़े से बिजली बनने की इस तक़नीक़ को इस्तेमाल करना ज्यादा मुश्किल नहीं है।

कूड़े से बिजली कैसे बनती हैं?/ How is electricity made from waste?

How is electricity made from waste?

कूड़े से बिजली बनने के लिए हमें सबसे पहले कूड़े की जरुरत पड़ती हैं,जगह जगह से घरों, कंपनियो, आदि जगहों से कचरा कूड़ा करकट जमा करके उसे एक जगह पे जमा करना और, उस कूड़े के ढेर को एक डाईजेस्टर में डाल कर कचरें या वेस्ट म पदार्थ को पानी से साथ सड़ाकर गैस तैयार किया जाता हैं ।इस में से जो गैस निकलती हैं उसमें मीथेन , कार्बन डाइऑक्साइड और हाइट्रोजन सल्फाइड होता हैं । फिर बिजली उत्पादन के वक़्त हाइट्रोजन सल्फाइड को अलग कर दिया जाता हैं और मीथेन , कार्बन डाइऑक्साइड को एक हाई वॉल्ट जनरेटर में प्रवाहित किया जाता हैं। ये गैस जनरेटर में ईंधन का काम करती हैं जिसे से जनरेटर चलता हैं और बिजली उत्पादन होता हैं। यह एक बायो गैस प्लांट की तरह ही काम करता है।

इस तरीके से कूड़े का इस्तेमाल भी होजाएगा साथ ही साथ गैस बनाने के बाद बचा हुआ कूड़ा खाद बनने में उपयोग होगा जो की बाद में खेती के दौरान काम आएगा, और कूड़े के एक जगह रहने की वजह से बीमारी भी नहीं फेलेगी।

उत्तराखंड में कूड़े से बिजली

uttarakhand me kude se bijli

प्रदेश सरकार कूड़े से बिजली बनने वाली योजना में उत्तरखंड में रुड़की समेत प्रदेश के छह शहरों में लागू करने की तैयारी में है। मदन कौशिक जो की शहरी विकास मंत्री हैं उन्होंने विधानसभा में विकास विभाग के अधिकारियो को इस योजना को तैयार करने का निर्देश दिया। सरकार पूरी तरह से कूड़े से बिजली बनने की योजना पे जोर दे रही हैं।

देहरादून: नगर निगम की एक योजना में। करींब एक हज़ार घर कूड़े से बनने वाली बिजली से रोशन होंगे, २ साल के संगर्ष के बाद राज्य सरकार ने देहरादून नगर निगम को कूड़े से बिजली बनने की अनुमति दे दी हैं। एक और बैठक में इंडियन ऑयल कारपोरेशन की मदद से हरिद्वार में बायोगैस प्लांट लगाने की योजना हैं

लोगो के सवाल

इस कचरे के निष्कासन का क्या प्रबंध है?

कचरे के निष्कासन का अभी तक का प्रबंध तो उसे कथा कर के जलाया जाता है, किन्तु इससे होते प्रदूषण के चलते अब इससे बिजली बनाने के लिए उपयोग में लाया जायेगा जिससे प्रदूषण भी कम होने का दावा किया जा रहा है।

कचरे से कमाई कैसे होती है ?

अभी तक तो कचरे के लिए सरकार केवल गंवा ही रही थी, किन्तु जबसे सरकार इससे बिजली बनाने के लिए बात कर रही है तो बिजली बेच के पैसे भी कमाए जा सकते हैं।

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हेलो, मेरा नाम सूर्य जोशी है, मै उत्तराखण्ड के टिहरी जिले का रहने वाला हूँ। मैंने अपनी ग्रेजुएशन हेमन्ती नंदन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी से पूरी की है, और मै मारुती सुजुकी में पिछले 7 साल से Sales में बतौर Relationship Manager काम कर रहा हूँ। पिछले 2 साल से पार्ट टाइम Blogging कर रहा हूँ।

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